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सिनेमाई पर्दे पर ऐक्‍टर या ऐक्‍ट्रेस के हीरोइज्‍म के देखकर हम सभी खूब तालियां पीटते हैं।

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सीटियां बजाते हैं और कमोबेश उसे असल जिंदगी में भी फॉलो करने की कोश‍िश करते हैं। जबकि रील से इतर रीयल लाइफ में भी ऐसे कई सिलेब्रिटीज हैं जो किसी ‘सुपरहीरो’ से कम नहीं हैं। बॉलिवुड की ‘मस्‍त मस्‍त गर्ल’ कही जाने वाली रवीना टंडन उनमें से एक है। 26 अक्‍टूबर 2020 को रवीना अपना जन्‍मदिन मना रही हैं। वह 45 साल की हो गई हैं। रवीना टंडन तब फिल्‍मों में आई ही थीं। उम्र महज 21 साल थी। उस उम्र में जब हर कोई अपने करियर पर फोकस करता, रवीना ने कुछ ऐसा किया है, जिससे कि वह असल जिंदगी में ‘हीरो’ बन गईं। फैन्‍स को उन पर गर्व हुआ और उनके परिवार वालों को अभ‍िमान।

सलमान के अपॉजिट किया था डेब्‍यू
साल 1991 में रवीना टंडन ने सलमान खान के अपॉजिट ‘पत्‍थर के फूल’ से बॉलिवुड डेब्‍यू किया। फिल्‍म हिट हुई और रवीना सुपरहिट। साल 1994 में ‘मोहरा’, ‘दिलवाले’ और ‘लाडला’ जैसी फिल्‍मों ने रवीना के स्‍टारडम को श‍िखर पर पहुंचा दिया। यह बात भी इसी दौर की है। 1994 में रवीना ने एक फैसला किया और 1995 में उसे मू’र्त रूप दिया। रवीना ने मां बनने का फैसला किया। तब उम्र महज 21 साल थी। शादी नहीं हुई थी। रवीना ने पूजा और छाया नाम की दो बच्‍च‍ियों को गोद दिया।

परिवार में तीन बेटियां, एक बेटा
साल 1995 में जब रवीना ने दोनों बच्‍च‍ियों को आध‍िकारिक रूप से गोद लिया, तब पूजा 11 साल की थीं और छाया 8 साल की। दोनों रवीना के कजिन की बेटियां हैं, जिनका नि’ध’न हो चुका है। तब से 2004 तक रवीना ने सिंगल मदर के रूप में ही दोनों बेटियों की परवरिश की। 2004 में रवीना ने बिजनसमैन और ड‍िस्‍ट्र‍िब्‍यूटर अनिल थडानी से शादी। एक बेटी राशा को 2005 में और एक बेटे को रणबीरवर्धन को 2008 में जन्‍म दिया। इस तरह रवीना तीन बेटियों और एक बेटे की मां हैं।

अब तो नानी भी बन चुकी हैं रवीना टंडन
रवीना आज नानी भी बन चुकी हैं। उनकी बेटी छाया एयरहोस्‍टेस है, जबकि पूजा एक इवेंट मैनेजर। पूजा मां बन चुकी हैं और इस तरह रवीना 45 की उम्र में एक नानी। पूजा और छाया को गोद लेने का फैसला रवीना का था। रवीना बताती हैं कि अपने इस फैसले पर विचार उन्‍होंने 1994 में तभी शुरू कर दिया था, जब उनकी फिल्‍म ‘मोहरा’ रिलीज नहीं हुई थी।

‘मैं पूजा-छाया को अच्‍छी जिंदगी देना चाहती थी’
रवीना कहती हैं, ‘मैं और मेरी मां अक्‍सर वीकेंड पर आशा सदन जाते थे। यह एक अनाथालय है। जब मेरे कजिन की डेथ हुई तो मैंने पाया कि बच्‍च‍ियों क‍ि अभ‍िभावक उनका ठीक से खयाल नहीं रख रहे थे। मैं दोनों को अपने साथ घर ले आई। मैंने तब ज्‍यादा नहीं सोचा। यह नैचुरली था। मैं पूजा और छाया को वह जिंदगी देना चाहती थी, जो उनका हक है। मैं कोई करोड़पति नहीं थी, लेकिन मुझे इतना पता था कि मैं इन बच्‍च‍ियों को बेहतर भविष्‍य दे सकती हूं।’

‘लोगों ने तब खूब नेगेटिव बातें की थीं’
रवीना ने अपने एक इंटरव्‍यू में कहा, ‘बहुत से लोगों ने तब नेगेटिव बातें की थीं। लोग कहते हैं कि न जाने तब क्‍या होगा, जब मेरी शादी होगी। लोग कहते थे कि कोई मुझसे शादी नहीं करेगा क्‍योंकि मेरे साथ ये दोनों बेटियां मेरे पार्टनर के लिए बोझ की तरह हो जाएंगी। लेकिन मैंने किसी की नहीं सुनी। मुझे खशी है कि मेरे पति अनिल थडानी और मेरे ससुराल वालों ने भी पूजा और छाया को उतना ही प्‍यार दिया है, जितना मैं उनसे करती हूं।’

‘मेरे चारों बच्‍चों में खूब प्‍यार है’
रवीना के घर में आज वह सबकुछ है, जिससे एक खुशहाल घर बनता है। आपसी समझ, प्‍यार और एक-दूसरे के लिए सम्‍मान। रवीना कहती हैं, ‘पूजा, छाया, राशी और रणबीरवर्धन में बहुत प्‍यार है। आज दोनों बेटियों की शादी हो गई है। मैं नानी भी बन गई हूं। दोनों अपने-अपने परिवार के साथ हैं। लेकिन समय के साथ हमारा रिश्‍ता और गहरा हुआ है। मदर्स डे पर दोनों मुझे कार्ड्स भेजती हैं। फोन पर हमारी खूब बातें होती हैं। समय-समय पर मुलाकात भी होती है।’

‘बेटियां हैं मेरी बेस्‍ट फ्रेंड्स’
‘हिंदुस्‍तान टाइम्‍स’ को दिए एक इंटरव्‍यू में रवीना कहती हैं, ‘मेरी बेटियां ही मेरी बेस्‍ट फ्रेंड्स हैं। मुझे याद है जब मेरी शादी हो रही थी, वो पूजा और छाया ही थीं जो कार में मेरे साथ बैठी थीं और मुझे मंडप तक लेकर गई थीं।’

खुश‍ियां बांटने में हिचक नहीं होनी चाहिए
रवीना आगे कहती हैं, ‘जो भी लोग बच्‍चा गोद लेना चाहते हैं मैं उनसे यही कहूंगी कि ज्‍यादा मत सोचिए। यह आपका अपना फैसला है। अपने फैसले को दूसरों के नेगेटिव व‍िचारों से भ्रमित मत होने दीजिए। यह नेक काम है। आप खुश‍ियां बांट रहे हैं और इसमें कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।

साभार

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