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बॉलीवुड के दिग्गज खानदानों की बात की जाए तो इस लिस्ट में ‘भट्ट खानदान’ का नाम भी शुमार होता है।

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भट्ट फैमिली इंडस्ट्री की सबसे फेमस फैमिलीज़ में से एक है। इस खानदान के कई सदस्यों ने इंडस्ट्री में नाम कमाया है। महेश भट्ट की गिनती तो हिन्दी सिनेमा के बेहतरीन फिल्मकारों में होती है। हिन्दी सिनेमा की कई यादगार फिल्मों का निर्देशन महेश भट्ट ने किया है। आज महेश भट्ट अपना जन्मदिन मना रहे हैं। वह 73 साल के हो गए हैं।

महेश भट्ट अपनी निजी ज़िंदगी की वजह से अक्सर विवादों में छाए रहते हैं। कभी अपने बेबाक बयानों की वजह से तो कभी उनसे जुड़े विवादों की वजह से महेश भट्ट हमेशा सुर्खियां बटोरते हैं। अगर हम ये कहें कि महेश भट्ट ने बचपन में जब होश संभाला ही था तभी से वह लोगों के तानों का शिकार हो रहे हैं, तो ये भी गलत नहीं होगा।

क्या आप जानते हैं कि महेश भट्ट के माता-पिता ने कभी शादी नहीं की थी। उनकी मां को बिन ब्याही मां कहा जाता था। तो खुद महेश भट्ट को ‘नाजायज़’ होने के ताने सुनने पड़ते थे।

बता दें, कि महेश भट्ट के पिता नानाभाई भट्ट एक गुजराती ब्राह्मण थे, जो कि पोरबंदर, काठियावाड़ गुजरात से थे। जबकि उनकी मां शीरीन मोहम्मद अली गुजराती मुस्लिम थीं। नानाभाई भट्ट गुजराती और हिन्दी सिनेमा के जाने-माने डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हुआ करते थे जो कि फैंटसी और माइथॉलजिकल फिल्में बनाते थे।

यूं तो नानाभाई भट्ट ने हेमलता भट्ट से शादी की थी। लेकिन उनका चर्चित लव अफेयर शीरीन मोहम्मद अली से हुआ था।

नानाभाई शिरीन से बेहद प्यार करते थे, लेकिन उन्होने कभी उनसे शादी नहीं की थी। बताया जाता है कि सामाजिक दबाव के चलते नाना भाई शिरीन से शादी नहीं कर पाए थे।

शिरिन और नानाभाई भट्ट की दो संतानें हुईं महेश और मुकेश भट्ट। कहा जाता है कि शीरीन को ‘बिन ब्याही मां’ के ताने दिए जाते थे, तो महेश और मुकेश भट्ट को ‘नाजायज़’ तक कहा जाता था।

दिल में गहराई तक चुभे इन तानों को भूलाकर महेश और मुकेश भट्ट ने पिता की तरह ही फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाया।

हांलाकि ‘नाजायज़’ होने की टीस हमेशा महेश भट्ट के दिल में रही। उन्होने कभी अपने पिता के साथ कोई कनेक्शन फील नहीं किया। कुछ साल पहले अपने एक इंटरव्यू में महेश भटट् ने अपने इस दर्द को बयान भी किया था। तब महेश ने कहा था कि मेरे पास मेरे पिता के सरनेम के अलावा उनसे जुड़ी कोई याद नहीं है।

महेश भट्ट ने कहा था, “मेरे पास पिता से जुड़ी कोई याद नहीं। इसलिए नहीं मुझे पता ही नहीं कि पिता की भूमिका क्या होनी चाहिए। मैं एक सिंगल मुस्लिम महिला शिरीन मोहम्मद अली का नाजायज बेटा हूं। मेरे पिता भी मेरे लिए अजनबी थे। वे मेरे लिए होकर भी नहीं थे। बस उनका सरनेम मुझे मिला, जिसकी वजह से आज मैं महेश भट्ट हूं।”

इसके साथ ही महेश भट्ट ने यह भी बताया था कि उनका नाम ‘महेश’ उनके पिता ने रखा था। महेश को अपना यह नाम कभी पसंद नहीं आया।

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