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आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ-साथ लोग अस्पतालों के चक्कर लगाने लगते हैं और दिनचर्या में दवाओं की खुराक शामिल हो जाती है.

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उम्र का असर लोगों के चेहरे से लेकर फिटनेस तक पर दिखने लगता है. कुछ लोग खुद को बुजुर्ग कहने लगते हैं तो कुछ को आसपास के लोग. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कश्मीर घाटी की एक जनजाति है जिसकी औसत उम्र 120 साल होती है और ताउम्र जवान रहती है. महिलाएं 60 साल की उम्र में भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं. इतना ही नहीं इन महिलाओं को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में एक माना जाता है.

हुंजा घाटी : यहां कुदरत के पास है हर मर्ज की दवा, चिरयुवा बने रहने का राज - hunja valley a secret lifestyle

हम बात कर रहे हैं कश्मीर घाटी की हुंजा जाति की. डॉ. जे मिल्टन हॉफमैन ने इस जनजाति की उम्र और दिनचर्या पर एक रिसर्च किया है. इस पर उन्होंने एक किताब ‘सीक्रेट्स ऑफ द वर्ल्ड्स हेल्दिएस्ट एंड ओल्डेस्ट लिविंग पीपल’ में भी लिखा है. इसमें इस प्रजाति के जीवनकाल और इतने लंबे समय तक स्वस्थ बने रहने के बारे में बताया गया है. इस जनजाति के लोग दवाईयों का सेवन न के बराबर करते हैं और बीमारियों से भी दूर रहते हैं.

यहां की महिलाएं 60 की उम्र में भी बनती हैं माँ, ये है उनका राज़ | NewsTrack Hindi 1ऐसा है खानपान और जीवनशैली
ऊपर के दो पैराग्राफ आपको हैरत में डाल रहे होंगे. लेकिन, आप इनके खान-पान और जीवनशैली को देखिए. यहां के लोगों को भूख लगती है तो अखरोट, अंजीर और खूबानी खाते हैं. प्यास लगती है तो नदी का पानी पी लेते हैं. हलकी-फुलकी बीमारी हो तो वहीं आसपास लगी जड़ी बूटियों से इलाज कर लेते हैं. कहीं जाना हो तो मीलों पैदल चल जाते हैं. बताया जाता है कि यहां को लोगों को दवाईयों के बारे में ज्यादा जानकारी तक नहीं है, क्योंकि इन्हें जरूरत ही नहीं पड़ती है.

शून्य से कम तापमान में ठंडे पानी में नहाना
डॉ. रॉबर्ट मैक्कैरिसन ने ‘पब्लिकेशन स्टडीज इन डेफिशिएन्सी डिजीज’ और इसके बाद ‘जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन’ में इस जनजाति पर एक लेख प्रकाशित हुआ. इसमें कहा गया कि यहां के लोग शून्य से भी कम तापमान में ठंडे पानी में नहाते हैं. इनकी जीवनशैली में कम खाना और ज्यादा टहलना है. सुबह जल्दी उठते हैं और मीलों चलते हैं. बताया गया कि इनकी जीवनशैली ही खूबसूरती, लंबी उम्र और अच्छी सेहत का राज है.

Women Of Hunza Community Remain Young At The Age Of 65 Also - 100 की उम्र में दौड़ लगाते हैं यहां के लोग , महिलाएं 65 में बनती हैं मां | Patrika News

सिकंदर के वंशज
कहा जाता है कि हुंजा जनजाति के लोग सिंकदर को अपना वंशज मानते हैं. दूसरी अच्छी चीज है यहां की आबोहवा जो कि अंदरूनी और बाहरी तंदरूस्ती को तरोताजा किया रहता है. यहां न तो गाड़ियों का धुआं है न प्रदूषित पानी. मरते दम तक बीमारियों से बचे रहते हैं.

यहां रहते हैं लोग
बता दें कि हुंजा जनजाति भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के गिलगिट-बाल्टिस्तान के पहाड़ों पर बसती है. अनुमान के मुताबिक, इनकी जनसंख्या 87 हजार के आसपास है.

(साभार. india कॉम )

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