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हिन्दी सिनेमा के दिग्गज कलाकार दिलीप कुमार का निधन हो गया है.

बुधवार को दिलीप कुमार ने 98 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. लंबे वक्त से दिलीप कुमार बीमार चल रहे थे, मुंबई में कई बार उन्हें अस्पताल में भी भर्ती करवाया गया था.

सायरा बानो और दिलीप कुमार
सायरा बानो का जन्म 1944 में मसूरी में हुआ था। उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सायरा का बचपन लंदन में बीता लेकिन 1960 में वह अपनी पढ़ाई पूरी करके मुंबई आ गईं। वह शुरुआत से ही अपनी मां की तरह बॉलीवुड की अभिनेत्री बनना चाहती थीं। उनके पिता मियां एहसान-उल-हक फिल्म निर्माता थे, जिन्होंने मुंबई में ‘फूल’ और पाकिस्तान में ‘वादा’ नामक फिल्म का निर्माण किया। सायरा की दादी छमियां बाई दिल्ली में त’वा’य’फ थीं, उन्हें शमशाद बेगम के नाम से भी जाना जाता था।

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सायरा ने अपने करियर की शुरुआत 1961 में रिलीज हुई फिल्म ‘जंगली’ से की थी। बॉलीवुड के फिल्मी सफर में एक अभिनेत्री के तौर पर यह सायरा का पहला कदम था। इस फिल्म में उन्होंने एक कश्मीरी लड़की का किरदार निभाया था। साल 1968 में आई फिल्म ‘पड़ोसन’ ने सायरा को पॉपुलर बना दिया। 60 -70 के दशक में सायरा बानो का नाम बॉलीवुड की मशहूर और खूबसूरत अभिनेत्रियों में लिया जाने लगा।

सायरा बानो और दिलीप कुमार को बॉलीवुड की सदाबहार जोड़ी कहा जाता है। सायरा बानो ने 22 साल की उम्र में दिलीप कुमार से शादी की थी, तब दिलीप की उम्र 44 साल थी। सायरा ने तो बचपन में ही ठान लिया था कि वो शादी केवल दिलीप कुमार से ही करेंगी। सायरा जब 12 साल की थीं तभी से दिलीप कुमार को दीवानों की तरह पसंद करती थीं।

सायरा बानो और दिलीप कुमार
सायरा बानो और दिलीप कुमार की शादी को करीब 53 साल हो गए हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया जब इस रिश्ते को नजर लग गई। उस वक्त इस बात की चर्चा हुई कि सायरा कभी मां नहीं बन सकतीं। दिलीप कुमार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘द सबस्टांस एंड द शैडो’ में कहा, ‘1972 में सायरा बानो पहली बार प्रेग्नेंट हुईं, 8 महीने की प्रेग्नेंसी में सायरा को ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई, इस दौरान भ्रू”ण को बचाने के लिए सर्जरी करना संभव नहीं था और द”म घुटने से बच्चे की मौ”त हो गई। बाद में पता चला कि यह बेटा था। इस घटना के बाद सायरा कभी प्रे’ग्नें’ट नहीं हो सकीं।’

मीडिया रिपोर्ट के मुताबित कोई बच्चा न होने की वजह से 1980 में दिलीप कुमार ने हैदराबाद की रहने वाली त’ला’क’शु’दा महिला आसमां रहमान से दूसरी शादी की थी। आसमां के पहले से ही बच्चे थे। दिलीप को लगता था कि आसमां अपने पहले पति के साथ मिलकर उन्हें धो”खा दे रही हैं और मीडिया में उनके सारे राज खोल रही हैं। इसके बाद दिलीप को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने 1983 में आसमां को त’ला’क दे दिया और दोबारा सायरा के पास आ गए।

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